UP Lakes and Tal List: उत्तर प्रदेश की नदियाँ जितनी मशहूर हैं, यहाँ की झीलें (Lakes) भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। ये न केवल राज्य की खूबसूरती बढ़ाती हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की प्यास बुझाने और खेती के काम भी आती हैं।
अगर आप UPPSC, यूपी पुलिस या किसी भी सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यूपी की झीलों से जुड़े ये तथ्य आपके बड़े काम के हैं।
यूपी की झीलों का ‘कम्प्लीट डेटा’ (District-wise List)
नीचे दी गई टेबल में हमने उत्तर प्रदेश के प्रमुख ताल और झीलों को उनके जिलों के साथ सजाया है, ताकि आप आसानी से याद रख सकें:
| झील / ताल / कुंड का नाम | जिला / शहर | खास बात |
| गोविंद बल्लभ पंत सागर | सोनभद्र | भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील |
| बखिरा झील | संत कबीर नगर | हाल ही में बनी ‘रामसर साइट’ |
| कीथम झील (सुर सरोवर) | आगरा | प्रवासी पक्षियों का घर |
| फुलहर झील (गोमती ताल) | पीलीभीत | यहाँ से निकलती है गोमती नदी |
| रामगढ़ताल | गोरखपुर | पर्यटन का बड़ा केंद्र |
| सुरहा ताल | बलिया | पक्षी विहार के लिए मशहूर |
| मोती झील | कानपुर | शहर के बीचों-बीच पिकनिक स्पॉट |
| बड़ाताल (गोखुर) | शाहजहांपुर | नदी के मुड़ने से बनी झील |
| बरुआ सागर | झांसी | ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता |
| मदन सागर | महोबा | चंदेल शासकों की विरासत |
| करेला झील | लखनऊ | राजधानी के पास प्राकृतिक स्थल |
| राधा और श्याम कुंड | मथुरा | धार्मिक और पौराणिक महत्व |
| चित्तौरा झील | बहराइच | राजा सुहेलदेव से जुड़ा इतिहास |
परीक्षा के लिए ‘गोल्डन पॉइंट्स’ (Must Know Facts)
एक छात्र के तौर पर आपको ये 5 बातें जरूर पता होनी चाहिए:
- सबसे बड़ी मानव निर्मित झील: सोनभद्र की गोविंद बल्लभ पंत सागर झील रिहंद बांध की वजह से बनी है। यह यूपी की सबसे बड़ी और भारत की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
- मैदान से निकलने वाली नदी: पीलीभीत की फुलहर झील भूगोल की दृष्टि से बहुत खास है, क्योंकि यहीं से गोमती नदी का जन्म होता है।
- रामसर साइट्स का रुतबा: यूपी की कई झीलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। बखिरा, नवाबगंज और कीथम जैसी झीलें अब ‘रामसर कन्वेंशन’ के तहत संरक्षित हैं।
- पक्षियों का स्वर्ग: सर्दियों के मौसम में साइबेरियन क्रेन जैसे दुर्लभ पक्षी हजारों मील दूर से यूपी की झीलों (जैसे आगरा की कीथम) में आते हैं।
- ऐतिहासिक महत्व: झांसी की लक्ष्मी ताल और महोबा की झीलें हमारे गौरवशाली इतिहास की गवाह हैं।
क्यों जरूरी हैं ये झीलें?
उत्तर प्रदेश का वन विभाग इन झीलों की देखरेख करता है। ये झीलें भूजल स्तर (Groundwater level) को बनाए रखने में मदद करती हैं और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखती हैं। हालांकि, प्रदूषण और अतिक्रमण आज इनके लिए बड़ी चुनौती है।
उत्तर प्रदेश की झीलों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
उत्तर: बखिरा झील उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित है। यह ताजे पानी की एक विशाल प्राकृतिक झील है और इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की ‘रामसर साइट’ का दर्जा भी प्राप्त है।
उत्तर: मथुरा (गोवर्धन और कोकिला वन) में कई प्रसिद्ध कुंड और झीलें स्थित हैं, जिनमें राधाकुंड, श्यामकुंड, गोविंदकुंड, मानसी गंगा कुंड, कोकिलाकुंड, कृष्णकुंड और नौह झील प्रमुख हैं।
उत्तर: वाराणसी में प्रसिद्ध औंधी ताल स्थित है। यह झील शहर की प्राचीन जल प्रणालियों और स्थानीय पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उत्तर: भरतकुंड उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर (नंदीग्राम के पास) में स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ भरत जी ने भगवान राम की प्रतीक्षा में तपस्या की थी।
उत्तर: आगरा की कीथम झील 106 से अधिक प्रवासी पक्षी प्रजातियों का घर है। यहाँ साइबेरियन क्रेन और बार-हेडेड गीज़ जैसे दुर्लभ पक्षी हर साल सर्दियों में आते हैं।
उत्तर: गोविंद बल्लभ पंत सागर (रिहंद जलाशय) उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है। यह सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर बांध बनाने के कारण बनी है और भारत की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
उत्तर: बरेली में स्थित मोती झील नौका विहार और मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों के लिए एक प्रसिद्ध स्थान है। यह कई सुंदर मंदिरों और उद्यानों से घिरी हुई है, जो इसे पर्यटकों के लिए खास बनाता है।
उत्तर: पीलीभीत में स्थित फुलहर झील (गोमती ताल) बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहीं से उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदी गोमती का उद्गम (Origin) होता है।