उत्तर प्रदेश के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश में RTE Admission 2026 के तहत प्राइवेट स्कूलों में फ्री शिक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं।
इस योजना के जरिए 2 लाख से अधिक बच्चे अच्छे और नामी निजी स्कूलों में बिना फीस पढ़ सकेंगे। इस बार सरकार ने प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया है। आधार लिंक बैंक खाते से लेकर ऑनलाइन लॉटरी तक, हर कदम पर निगरानी होगी।
अगर आप यूपी में रहते हैं और अपने बच्चे का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं, तो यह मौका बिल्कुल न गंवाएं।
यूपी में RTE रजिस्ट्रेशन कब से शुरू हुए हैं?
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, UP RTE Admission 2026 के लिए 2 फरवरी 2026 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं।
इस बार विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ बदलाव किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक,
- ज्यादा से ज्यादा सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा
- रोजाना होने वाले आवेदनों की मुख्यालय स्तर से निगरानी की जाएगी
सरकार का मानना है कि इससे फर्जी आवेदन रोकने में मदद मिलेगी और पात्र बच्चों को ही योजना का लाभ मिलेगा।

RTE योजना का उद्देश्य क्या है?
RTE कानून का मुख्य उद्देश्य है कि समाज के
- गरीब
- कमजोर
- वंचित वर्ग
के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
इसी के तहत कानून में यह प्रावधान किया गया है कि
- निजी स्कूलों को अपनी कुल सीटों का कम से कम 25 प्रतिशत
अलाभित और दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करना होगा। - इन बच्चों की पढ़ाई कक्षा 8 तक पूरी तरह निःशुल्क रहेगी।
RTE के तहत कौन से बच्चे पात्र माने जाएंगे?
RTE के तहत प्रवेश के लिए बच्चे का अलाभित समूह या दुर्बल वर्ग से होना अनिवार्य है।
अलाभित समूह में कौन शामिल हैं?
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, अलाभित समूह में शामिल हैं –
- अनुसूचित जाति (SC)
- अनुसूचित जनजाति (ST)
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
- दिव्यांग बच्चे
- HIV या कैंसर से पीड़ित माता-पिता के बच्चे
- अनाथ बच्चे, चाहे वे बाल गृह में रह रहे हों
दुर्बल वर्ग की परिभाषा क्या है?
दुर्बल वर्ग में वे बच्चे आते हैं –
- जिनके माता-पिता अंत्योदय (BPL) कार्डधारक हैं
- जिनके अभिभावक
- वृद्धावस्था पेंशन
- विधवा पेंशन
- दिव्यांग पेंशन
प्राप्त करते हैं
- जिनके माता-पिता या संरक्षक की वार्षिक आय ₹1 लाख तक है
इन सभी मामलों में
👉 सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
RTE योजना में आर्थिक सहायता का प्रावधान
सरकार का कहना है कि RTE योजना के तहत सिर्फ स्कूल में पढ़ाई ही नहीं,
बल्कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों का भी ध्यान रखा जाता है।
सरकार देगी ₹5000 प्रति बच्चा
राज्य सरकार की ओर से
- पाठ्य पुस्तकें
- अभ्यास पुस्तिकाएं
- यूनिफॉर्म
के लिए ₹5000 प्रति बच्चा प्रति वर्ष सीधे अभिभावक के बैंक खाते में भेजे जाएंगे।
आधार और बैंक खाते को लेकर क्या बदलाव हुआ है?
इस साल RTE एडमिशन प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया गया है।
- अभिभावक का आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है
- आधार से लिंक बैंक खाता देना जरूरी होगा
हालांकि,
👉 बच्चे का आधार कार्ड अब अनिवार्य नहीं है।
सरकार का कहना है कि इससे आर्थिक सहायता सीधे सही लाभार्थी तक पहुंचेगी।
प्राइवेट स्कूलों की जिम्मेदारी क्या होगी?
RTE कानून के तहत सभी
गैर-सहायतित और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को –
- अपनी कुल सीटों में से कम से कम 25 प्रतिशत सीटें
गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को देनी होंगी।
इन बच्चों से
- किसी भी तरह की फीस
- डोनेशन
- या अतिरिक्त शुल्क
लेने की अनुमति नहीं है।
RTE एडमिशन प्रक्रिया कितने चरणों में होगी?
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार,
UP RTE Admission 2026 की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी।
पहला चरण
- आवेदन की अंतिम तिथि: 16 फरवरी
- लॉटरी: 18 फरवरी
- नामांकन आदेश: 20 फरवरी तक
दूसरा चरण
- आवेदन: 21 फरवरी से 7 मार्च
- लॉटरी: 9 मार्च
- नामांकन आदेश: 11 मार्च तक
तीसरा चरण
- आवेदन: 12 मार्च से 25 मार्च
- लॉटरी: 27 मार्च
- नामांकन आदेश: 29 मार्च तक
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?
ऑनलाइन आवेदन के समय अभिभावकों को –
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- दिव्यांग प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- अभिभावक का आधार नंबर
- आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण
देना होगा।
अधिकारियों के अनुसार,
👉 सभी दस्तावेजों का सही और वैध होना जरूरी है।
RTE UP में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
RTE के तहत आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है।
सरकारी वेबसाइट –
👉 https://rte25.upsdc.gov.in/Index.aspx
पर जाकर
- रजिस्ट्रेशन
- स्कूल चयन
- आवेदन की स्थिति
देखी जा सकती है।
क्यों अहम है RTE Admission 2026?
सरकार का मानना है कि इस साल –
- आवेदन प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी
- आधार लिंक DBT से पारदर्शिता
- ज्यादा बच्चों तक योजना की पहुंच
जैसे कदमों से गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
आपको बता दें, UP RTE Admission 2026 उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से ऐसा नहीं कर पाते। विभाग ने साफ किया है कि यह प्रक्रिया सीमित समय के लिए है। ऐसे में पात्र अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन करें।