PM Awas Gramin List 2026 [New]: केंद्र सरकार की सबसे बड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के तहत वर्ष 2026 की नई लाभार्थी सूची जारी कर दी गई है।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों को अपना खुद का पक्का मकान (Pucca House) बनाने के लिए सीधी आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
यदि आपने भी इस योजना के लिए आवेदन किया था या आप अपने गाँव की नई आवास सूची देखना चाहते हैं, तो अब आप घर बैठे अपने मोबाइल से आधिकारिक ग्रामीण आवास पोर्टल पर नाम चेक कर सकते हैं।
इस लेख में आपको नई सूची देखने की सही प्रक्रिया, आवश्यक पात्रता और किस्तों के भुगतान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से मिलेंगी।
1. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) क्या है?
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का संचालन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) द्वारा किया जाता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में कच्चे और जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे बीपीएल (BPL) परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का घर उपलब्ध कराना है।
पहले इस योजना को ‘इन्दिर आवास योजना (IAY)’ के नाम से जाना जाता था, जिसे वर्ष 2016 में पुनर्गठित करके अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया।
वर्तमान में इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन बेहद वैज्ञानिक तरीके से सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) और हाल ही में हुए ‘आवास+’ (Awas+ Survey) डेटा के आधार पर किया जाता है।
2. PMAY-G 2026 के तहत मिलने वाली सहायता राशि
इस योजना के अंतर्गत सरकार लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से वित्तीय मदद भेजती है:
| क्षेत्र का प्रकार (Region Type) | आवास निर्माण राशि | शौचालय सहायता (SBM-G) | कुल वित्तीय लाभ |
| मैदानी क्षेत्र (Plain Areas) | ₹1,20,000 | ₹12,000 | ₹1,32,000 |
| पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र (Hilly Areas) | ₹1,30,000 | ₹12,000 | ₹1,42,000 |
अतिरिक्त लाभ: इसके अलावा लाभार्थी को “VB-G RAM G” योजना के तहत अपने ही घर के निर्माण कार्य के लिए 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी (Unskilled Labour Wage) का भुगतान भी अलग से किया जाता है।
3. PM Awas Gramin List 2026 ऑनलाइन कैसे देखें? (Step-by-Step गाइड)
स्टेप 1: आधिकारिक ग्रामीण आवास पोर्टल पर जाएं:pmayg.nic.in.
सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की असली और आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in को ओपन करें। (ध्यान दें: पुराना यूआरएल pmaymis.gov.in केवल शहरी आवास के लिए है)।
स्टेप 2: ‘Report’ विकल्प का चयन करें”
वेबसाइट का होमपेज खुलने पर ऊपर दिए गए मेनू बार में ‘Awaassoft’ का सेक्शन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। इसके बाद नीचे खुलने वाले ड्रॉप-डाउन मेनू में से ‘Report’ के विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3: Beneficiary Details लिंक को चुनें: Social Audit Reports.
अब आपके सामने MIS Report का एक नया पेज खुलेगा। यहाँ स्क्रीन को नीचे की ओर स्क्रॉल करें और सबसे अंत में मौजूद ‘H. Social Audit Reports’ अनुभाग में जाएं। यहाँ आपको ‘Beneficiary details for verification’ के लिंक पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4: अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गाँव चुनें: Filter Data
अब आपके सामने ‘Selection Filters’ का विकल्प आएगा। यहाँ क्रमानुसार अपने विवरण दर्ज करें:
- सबसे पहले अपने राज्य (जैसे- उत्तर प्रदेश) को चुनें।
- इसके बाद अपना जिला, फिर अपनी तहसील/ब्लॉक और अंत में अपने गाँव (Gram Panchayat) का चयन करें।
- सूची के वर्ष में ‘2025-2026’ (या लेटेस्ट उपलब्ध वर्ष) को सिलेक्ट करें।
- अंत में योजना के नाम में ‘PRADHAN MANTRI AWAAS YOJANA GRAMIN’ को चुनें।
स्टेप 5: कैप्चा कोड भरें और सूची डाउनलोड करें: Download PDF.
अब स्क्रीन पर दिए गए गणितीय कैप्चा कोड को हल करके बॉक्स में भरें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। क्लिक करते ही आपके पूरे गाँव की आवास सूची नीचे खुलकर आ जाएगी। आप ‘Download PDF’ पर क्लिक करके इसे अपने मोबाइल में सेव कर सकते हैं।
4. राज्यवार PMAY-G सूची 2026 (State-Wise List Links)
अपने राज्य की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) सूची 2026 ऑनलाइन चेक करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और लाभार्थी सूची में अपना नाम देखें।
5. आवास सूची में क्या-क्या जानकारियां मिलती हैं?
जब आप अपने गाँव की पीडीएफ (PDF) डाउनलोड करेंगे, तो आपको निम्नलिखित प्रमाणित जानकारियां देखने को मिलेंगी:
- लाभार्थी का नाम और पंजीकरण संख्या (Registration Number)
- पिता/पति का नाम और ग्राम पंचायत का नाम
- मकान की स्वीकृति की स्थिति (Sanctioned Status)
- मकान की पहली, दूसरी या तीसरी किस्त जारी होने का विवरण
- जियो-टैगिंग (Geo-tagging) की स्थिति – (नोट: वर्तमान नियमों के अनुसार मकान की अगली किस्त तभी जारी होती है जब पिछली स्थिति का ऑन-ग्राउंड फोटो पोर्टल पर अपलोड हो जाता है)।
6. यदि आवास सूची में नाम न हो तो क्या करें? (Real Case Study)
यदि आप पूरी तरह पात्र हैं लेकिन नई सूची में आपका नाम नहीं है, तो हो सकता है कि आपका नाम SPWL (State Permanent Wait List) या स्थायी प्रतीक्षा सूची में हो।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के निवासी सुरेश प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने पहली बार जब आवेदन किया था, तो उन्होंने पुराना आय विवरण जमा कर दिया था और उनके मकान की जियो-टैगिंग अटकी हुई थी, जिससे उनका नाम मुख्य सूची में नहीं आया। बाद में उन्होंने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और ग्राम प्रधान की सलाह पर अपने दस्तावेजों को अपडेट करवाया और ‘आवास+’ पोर्टल पर भौतिक सत्यापन पूरा कराया। इसके बाद मात्र 20 दिनों के भीतर उनका नाम प्रतीक्षा सूची से हटकर स्वीकृत लाभार्थियों की नई सूची में शामिल हो गया।
समाधान: नाम न होने पर आप अपनी ग्राम सभा की खुली बैठक में शिकायत कर सकते हैं या अपने ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) या आपूर्ति निरीक्षक कार्यालय में जाकर ‘आवास प्लस’ सर्वे के तहत अपना नाम दोबारा जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs – Voice Search Optimized)
प्रश्न 1: क्या प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए घर बैठे खुद से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है? उत्तर: नहीं, ग्रामीण आवास योजना के लिए आम नागरिक खुद सीधे पोर्टल से आवेदन नहीं कर सकते। इसके लिए आपको अपने ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्य या ब्लॉक कार्यालय के डेटा एंट्री ऑपरेटर के माध्यम से आवास+ सॉफ्टवेयर (Awas+ App) पर ही पंजीकरण करवाना होता है।
प्रश्न 2: पीएम आवास योजना ग्रामीण की पहली किस्त कब और कितनी मिलती है? उत्तर: सूची में नाम आने और आपके वर्तमान कच्चे मकान या खाली जमीन की पहली जियो-टैगिंग (Geo-tagging) पूरी होने के बाद पहली किस्त (आमतौर पर ₹40,000) सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है।
प्रश्न 3: क्या आवास योजना का लाभ लेने के लिए किसी अधिकारी या बिचौलिए को पैसे देने पड़ते हैं? उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह योजना 100% पारदर्शी है और पूरी राशि केंद्र सरकार द्वारा सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते (DBT) में भेजी जाती है। किसी भी व्यक्ति को रिश्वत न दें; कोई समस्या होने पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 पर शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण भारत के विकास और गरीब परिवारों को गरिमापूर्ण जीवन देने का एक बेहतरीन माध्यम है। यदि आप भी इसके पात्र हैं, तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर जाकर अपनी ग्राम पंचायत की सूची चेक करें और किसी भी बिचौलिए के झांसे में आने के बजाय सरकारी नियमों के अनुसार ही अपने हक की राशि प्राप्त करें।
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आधिकारिक स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार