अगर आप प्रयागराज जिले की जमीन का रिकॉर्ड (Bhulekh Prayagraj) ऑनलाइन देखना चाहते हैं, तो अब इसके लिए तहसील या लेखपाल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार के भूलेख पोर्टल की मदद से आप घर बैठे अपनी जमीन की खतौनी, खसरा, गाटा संख्या, खाता संख्या और भू-नक्शा आसानी से देख सकते हैं।
चाहे आपकी जमीन प्रयागराज शहर, फूलपुर, हंडिया, मेजा, करछना, बारा, कोरांव या सोरांव में हो, सभी तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है। आपको केवल अपनी तहसील, गांव और जमीन से जुड़ी जानकारी पता होनी चाहिए।
मैंने पिछले कुछ वर्षों में यूपी भूलेख पोर्टल का कई बार इस्तेमाल किया है। मेरे अनुभव में, अगर आपके पास गाटा संख्या है, तो रिकॉर्ड ढूंढना सबसे आसान होता है। वहीं, अगर गाटा संख्या नहीं है तो जमीन मालिक के नाम या खाता संख्या से भी रिकॉर्ड खोजा जा सकता है।
इस गाइड में हम आसान भाषा में समझेंगे कि:
- प्रयागराज की खतौनी कैसे देखें?
- भू-नक्शा कैसे निकालें?
- गाटा संख्या से जमीन कैसे खोजें?
- किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- जमीन खरीदने से पहले कौन-कौन सी जांच जरूरी है?
यदि आप पहली बार भूलेख देख रहे हैं, तो यह गाइड शुरू से आखिर तक आपके लिए उपयोगी रहेगी।
एक नजर में भूलेख प्रयागराज
| जानकारी | विवरण |
| जिला | प्रयागराज |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| सेवा | ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड |
| उपलब्ध रिकॉर्ड | खतौनी, खसरा, गाटा संख्या, खाता संख्या, भू-नक्शा |
| रिकॉर्ड देखने का तरीका | गाटा संख्या, खसरा संख्या, खाता संख्या या जमीन मालिक के नाम से |
| उपयोग | जमीन की जानकारी, रिकॉर्ड की जांच, प्रारंभिक सत्यापन |
भूलेख प्रयागराज क्या है?
भूलेख प्रयागराज, उत्तर प्रदेश सरकार की ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड सेवा का हिस्सा है। इसके जरिए जिले की कृषि भूमि और अन्य दर्ज भूमि का रिकॉर्ड ऑनलाइन देखा जा सकता है।
इस सेवा का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने जमीन संबंधी रिकॉर्ड तक आसान पहुंच देना है ताकि छोटी-छोटी जानकारी के लिए सरकारी कार्यालय न जाना पड़े।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में सामान्य रूप से यह जानकारी मिल सकती है:
- जमीन मालिक का नाम
- गाटा संख्या
- खसरा संख्या
- खाता संख्या
- भूमि का क्षेत्रफल
- भूमि की श्रेणी
- अन्य दर्ज विवरण
ध्यान रखें कि ऑनलाइन रिकॉर्ड जानकारी देखने के लिए उपयोगी है। यदि किसी कानूनी, न्यायिक या सरकारी प्रक्रिया के लिए दस्तावेज चाहिए, तो संबंधित विभाग से प्रमाणित प्रति प्राप्त करनी पड़ सकती है।
प्रयागराज में भूलेख ऑनलाइन देखने के क्या फायदे हैं?
पहले जमीन का रिकॉर्ड निकलवाने में काफी समय लगता था। अब अधिकांश सामान्य जानकारी कुछ मिनटों में ऑनलाइन देखी जा सकती है।
इसके प्रमुख फायदे हैं:
- घर बैठे रिकॉर्ड देख सकते हैं।
- गाटा संख्या से जमीन जल्दी खोज सकते हैं।
- खतौनी की जानकारी ऑनलाइन मिल जाती है।
- भू-नक्शा देखकर जमीन की स्थिति समझ सकते हैं।
- जमीन खरीदने से पहले शुरुआती जांच कर सकते हैं।
- रिकॉर्ड में दर्ज नाम और क्षेत्रफल का मिलान कर सकते हैं।
- मोबाइल और कंप्यूटर दोनों से सेवा का उपयोग किया जा सकता है।
प्रयागराज की खतौनी ऑनलाइन कैसे देखें?
यदि आप अपनी या किसी अन्य जमीन की खतौनी देखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें।
स्टेप 1: उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल खोलें
सबसे पहले उत्तर प्रदेश के आधिकारिक भूलेख पोर्टल पर जाएं।
स्टेप 2: “खतौनी की नकल देखें” विकल्प चुनें
होम पेज पर उपलब्ध खतौनी देखने वाले विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3: कैप्चा भरें
सुरक्षा जांच पूरी करने के लिए स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा दर्ज करें।
स्टेप 4: जिला चुनें
अब जिलों की सूची में प्रयागराज चुनें।
स्टेप 5: तहसील चुनें
अपनी संबंधित तहसील का चयन करें।
स्टेप 6: गांव चुनें
जिस गांव की जमीन का रिकॉर्ड देखना है, उसे चुनें।
स्टेप 7: रिकॉर्ड खोजें
रिकॉर्ड खोजने के लिए इनमें से कोई एक तरीका चुन सकते हैं—
- गाटा संख्या
- खसरा संख्या
- खाता संख्या
- जमीन मालिक का नाम
स्टेप 8: रिकॉर्ड देखें
सही जानकारी दर्ज करने के बाद खतौनी स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।
गाटा संख्या से जमीन कैसे देखें?
प्रयागराज में सबसे ज्यादा लोग गाटा संख्या के जरिए रिकॉर्ड खोजते हैं।
इसके लिए:
- जिला चुनें।
- तहसील चुनें।
- गांव चुनें।
- गाटा संख्या दर्ज करें।
- रिकॉर्ड देखें।
यदि गाटा संख्या सही है, तो संबंधित जमीन की जानकारी तुरंत दिखाई देती है।
जमीन मालिक के नाम से रिकॉर्ड कैसे खोजें?
यदि गाटा संख्या उपलब्ध नहीं है, तो जमीन मालिक के नाम से भी रिकॉर्ड खोजा जा सकता है।
ध्यान रखें कि यदि एक जैसे नाम वाले कई लोग हों, तो सही रिकॉर्ड पहचानने के लिए गांव और अन्य जानकारी का मिलान जरूर करें।
प्रयागराज का भू-नक्शा कैसे देखें?
भू-नक्शा देखने से जमीन की स्थिति समझने में आसानी होती है।
भू-नक्शा देखने के लिए:
- भू-नक्शा पोर्टल खोलें।
- जिला में प्रयागराज चुनें।
- तहसील और गांव चुनें।
- गाटा संख्या चुनें।
- स्क्रीन पर संबंधित भूखंड का नक्शा दिखाई देगा।
यदि प्रिंट का विकल्प उपलब्ध हो, तो उसकी कॉपी भी निकाली जा सकती है।
खतौनी और भू-नक्शा में क्या अंतर है?
कई लोग पहली बार रिकॉर्ड देखते समय इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग जानकारी देते हैं।
| खतौनी | भू-नक्शा |
| जमीन का रिकॉर्ड | जमीन की स्थिति का नक्शा |
| मालिक की जानकारी | भूखंड की लोकेशन |
| क्षेत्रफल | आसपास के गाटों की जानकारी |
| खाता विवरण | नक्शे का दृश्य |
इसी वजह से जमीन खरीदने से पहले दोनों रिकॉर्ड देखना बेहतर माना जाता है।
प्रयागराज जिले की तहसीलें और स्थानीय क्षेत्रों का भूमि रिकॉर्ड
प्रयागराज उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण जिलों में से एक है। यह जिला सिर्फ संगम और धार्मिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि भूमि, आबादी की जमीन, आवासीय प्लॉट और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों के कारण भी चर्चा में रहता है। यही वजह है कि यहां भूलेख, खतौनी और भू-नक्शा से जुड़े सर्च पूरे साल लगातार होते हैं।
यदि आप प्रयागराज जिले में जमीन खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच जरूर करें। इससे जमीन की शुरुआती जानकारी आसानी से मिल जाती है।
प्रयागराज सदर
प्रयागराज शहर और उसके आसपास के अधिकांश शहरी क्षेत्र इसी तहसील के अंतर्गत आते हैं। झूंसी, नैनी, झलवा, धूमनगंज, फाफामऊ और शहर के आसपास तेजी से नई कॉलोनियां और आवासीय परियोजनाएं विकसित हो रही हैं।
यदि आप इन क्षेत्रों में प्लॉट खरीद रहे हैं, तो केवल रजिस्ट्री पर भरोसा करने के बजाय खतौनी और भू-नक्शा का मिलान भी जरूर करें। कई बार पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति में अंतर देखने को मिल सकता है।
फूलपुर तहसील
फूलपुर मुख्य रूप से कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां धान, गेहूं और दलहन की खेती बड़े पैमाने पर होती है। जमीन खरीदने से पहले यह जरूर देखें कि भूमि कृषि श्रेणी में दर्ज है या किसी अन्य श्रेणी में।
यदि जमीन हाल ही में खरीदी गई है, तो नामांतरण (Mutation) की स्थिति भी जांच लेना बेहतर रहता है।
हंडिया तहसील
हंडिया में कृषि भूमि के साथ-साथ सड़क किनारे व्यावसायिक जमीन की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे मामलों में केवल जमीन मालिक का नाम देखना पर्याप्त नहीं होता।
गाटा संख्या, क्षेत्रफल और भू-नक्शे का मिलान भी जरूर करें ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
मेजा और बारा
मेजा और बारा तहसीलों में बड़े क्षेत्रफल वाली कृषि भूमि अधिक देखने को मिलती है। यदि जमीन कई हिस्सों में बंटी हुई है, तो सभी गाटा नंबर अलग-अलग जांचें।
कई लोग केवल एक गाटा संख्या देखकर पूरी जमीन का अनुमान लगा लेते हैं, जबकि रिकॉर्ड में अलग-अलग गाटा दर्ज हो सकते हैं।
करछना
करछना क्षेत्र में खेती के साथ-साथ आवासीय विकास भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। यहां जमीन खरीदते समय यह देखना जरूरी है कि रिकॉर्ड में दर्ज क्षेत्रफल वास्तविक जमीन से मेल खाता है या नहीं।
यदि संभव हो, तो मौके पर जाकर जमीन का निरीक्षण भी करें।
कोरांव
कोरांव प्रयागराज का बड़ा ग्रामीण इलाका है। यहां कई परिवारों की पैतृक जमीन आज भी संयुक्त खातों में दर्ज मिलती है।
यदि आप ऐसी जमीन खरीद रहे हैं, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित हिस्से का रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से दर्ज है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।
सोरांव
सोरांव तहसील में कृषि और आवासीय दोनों तरह की जमीनें मिलती हैं। यहां जमीन खरीदने से पहले खतौनी और भू-नक्शा के साथ-साथ वास्तविक सीमाओं (Boundary) का भी मिलान करना समझदारी होती है।
मेरे अनुभव में, प्रयागराज के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग पहले गाटा संख्या से रिकॉर्ड देखते हैं और उसके बाद भू-नक्शे के जरिए जमीन की स्थिति समझते हैं। यही तरीका सबसे आसान और सुरक्षित माना जाता है।
प्रयागराज में जमीन खरीदने से पहले ये 8 बातें जरूर जांचें
अगर आप प्रयागराज में प्लॉट, मकान या कृषि भूमि खरीदने जा रहे हैं, तो जल्दबाजी करने से बचें। कुछ मिनट की जांच भविष्य की बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
1. खतौनी जरूर देखें
सबसे पहले ऑनलाइन खतौनी देखकर जमीन मालिक का नाम, खाता और अन्य जानकारी मिलाएं।
2. भू-नक्शा देखें
सिर्फ खतौनी देखने से पूरी जानकारी नहीं मिलती। भू-नक्शा देखकर जमीन की वास्तविक स्थिति समझना आसान होता है।
3. गाटा संख्या मिलाएं
रजिस्ट्री में लिखी गाटा संख्या और ऑनलाइन रिकॉर्ड की गाटा संख्या एक जैसी होनी चाहिए।
4. क्षेत्रफल जांचें
रिकॉर्ड में दर्ज क्षेत्रफल और वास्तविक जमीन का क्षेत्रफल मिलाना जरूरी है।
5. नामांतरण की स्थिति देखें
यदि जमीन हाल में खरीदी गई है, तो यह जांचें कि नामांतरण पूरा हुआ है या नहीं।
6. संयुक्त खाते की जानकारी लें
यदि जमीन एक से अधिक लोगों के नाम पर दर्ज है, तो सभी हिस्सेदारों की जानकारी समझ लें।
7. मौके पर जमीन देखें
ऑनलाइन रिकॉर्ड देखने के बाद एक बार वास्तविक जमीन का निरीक्षण भी जरूर करें।
8. जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें
यदि रिकॉर्ड में कोई संदेह हो, तो संबंधित राजस्व अधिकारी या कानूनी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
भूलेख प्रयागराज में कौन-कौन सी जानकारी मिलती है?
ऑनलाइन रिकॉर्ड में आपको सामान्य तौर पर यह जानकारी देखने को मिल सकती है—
- जमीन मालिक का नाम
- पिता या परिवार से संबंधित दर्ज विवरण
- गाटा संख्या
- खसरा संख्या
- खाता संख्या
- भूमि का कुल क्षेत्रफल
- भूमि की श्रेणी
- गांव का नाम
- तहसील का नाम
- जिला
भूलेख देखते समय लोग कौन-सी गलतियां करते हैं?
पहली बार रिकॉर्ड देखने वाले कई लोग कुछ सामान्य गलतियां कर बैठते हैं।
- सिर्फ नाम देखकर रिकॉर्ड मान लेना।
- गाटा संख्या का मिलान न करना।
- भू-नक्शा न देखना।
- पुराने रिकॉर्ड के आधार पर जमीन खरीद लेना।
- नामांतरण की स्थिति जांचे बिना सौदा करना।
- एक जैसे नाम वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड चुन लेना।
- केवल स्क्रीनशॉट को अंतिम दस्तावेज मान लेना।
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से भविष्य में कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
मोबाइल से भूलेख प्रयागराज कैसे देखें?
यदि आपके पास कंप्यूटर नहीं है, तो मोबाइल से भी पूरी प्रक्रिया आसानी से की जा सकती है।
- मोबाइल का कोई भी ब्राउज़र खोलें।
- भूलेख पोर्टल खोलें।
- जिला में प्रयागराज चुनें।
- तहसील और गांव चुनें।
- गाटा संख्या या नाम से रिकॉर्ड खोजें।
- खतौनी देखें।
मोबाइल पर भी लगभग वही जानकारी दिखाई देती है, जो कंप्यूटर पर उपलब्ध होती है।
भूलेख प्रयागराज से जुड़े जरूरी सवाल
Google पर प्रयागराज की जमीन और भूलेख से जुड़े कुछ सवाल सबसे ज्यादा सर्च किए जाते हैं। यहां उनके आसान और सीधे जवाब दिए गए हैं।
प्रयागराज की खतौनी ऑनलाइन कैसे देखें?
उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल पर जाकर प्रयागराज जिला, अपनी तहसील और गांव चुनें। इसके बाद गाटा संख्या, खसरा संख्या, खाता संख्या या जमीन मालिक के नाम से खतौनी देख सकते हैं।
गाटा संख्या से जमीन कैसे खोजें?
यदि आपके पास गाटा संख्या है, तो यह सबसे आसान तरीका है। सही गाटा संख्या दर्ज करते ही संबंधित जमीन का रिकॉर्ड स्क्रीन पर दिखाई देता है।
क्या जमीन मालिक के नाम से भी रिकॉर्ड देखा जा सकता है?
हाँ। यदि गाटा संख्या उपलब्ध नहीं है, तो जमीन मालिक के नाम से भी रिकॉर्ड खोजा जा सकता है। हालांकि, एक जैसे नाम होने पर गांव और अन्य जानकारी का मिलान जरूर करें।
प्रयागराज का भू-नक्शा कैसे देखें?
भू-नक्शा पोर्टल पर जिला, तहसील और गांव चुनने के बाद गाटा संख्या के माध्यम से संबंधित भूखंड का नक्शा देखा जा सकता है।
क्या मोबाइल से भूलेख देखा जा सकता है?
हाँ। मोबाइल फोन के ब्राउज़र से भी खतौनी और भू-नक्शा आसानी से देखा जा सकता है।
क्या ऑनलाइन खतौनी कानूनी दस्तावेज होती है?
ऑनलाइन खतौनी जानकारी देखने के लिए उपयोगी होती है। यदि किसी सरकारी, न्यायिक या बैंकिंग प्रक्रिया में रिकॉर्ड की जरूरत हो, तो संबंधित विभाग से प्रमाणित प्रति प्राप्त करनी चाहिए।
प्रयागराज में जमीन खरीदने वालों के लिए मेरी सलाह
पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड की सुविधा काफी बेहतर हुई है, लेकिन केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर ही जमीन खरीदने का फैसला करना सही नहीं होगा।
यदि आप प्रयागराज में किसी भी क्षेत्र—चाहे नैनी, झूंसी, फाफामऊ, फूलपुर, मेजा, बारा, करछना या हंडिया—में जमीन खरीद रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- केवल रजिस्ट्री देखकर फैसला न करें।
- खतौनी और भू-नक्शा दोनों का मिलान करें।
- गाटा संख्या सही है या नहीं, जांचें।
- जमीन का वास्तविक क्षेत्रफल रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं, देखें।
- यदि जमीन संयुक्त खाते में है, तो सभी हिस्सेदारों की जानकारी समझें।
- हाल ही में खरीदी गई जमीन है, तो नामांतरण की स्थिति भी जांचें।
- मौके पर जाकर जमीन की वास्तविक स्थिति और सीमाएं (Boundary) भी देख लें।
मेरे अनुभव में, यही छोटी-छोटी जांच आगे चलकर बड़े विवादों से बचाने में मदद करती हैं।
भूलेख प्रयागराज किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है?
यह सेवा केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों के लिए भी उपयोगी है।
किसानों के लिए
अपनी कृषि भूमि का रिकॉर्ड, क्षेत्रफल और अन्य विवरण देखने के लिए।
जमीन खरीदने वाले लोगों के लिए
किसी प्लॉट या कृषि भूमि की शुरुआती जांच करने के लिए।
प्रॉपर्टी डीलर और रियल एस्टेट एजेंट
जमीन से जुड़े रिकॉर्ड का प्रारंभिक सत्यापन करने के लिए।
पैतृक जमीन खोजने वाले परिवार
पुरानी जमीन का रिकॉर्ड और खाता विवरण देखने के लिए।
बैंक लोन या अन्य सरकारी कार्य
भूमि रिकॉर्ड की प्रारंभिक जानकारी प्राप्त करने के लिए।
FAQ
1. भूलेख प्रयागराज क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड सेवा है, जिसके माध्यम से प्रयागराज जिले की जमीन का रिकॉर्ड देखा जा सकता है।
2. प्रयागराज की खतौनी कैसे देखें?
जिला, तहसील और गांव चुनकर गाटा संख्या, खसरा संख्या, खाता संख्या या जमीन मालिक के नाम से खतौनी देखी जा सकती है।
3. गाटा संख्या क्या होती है?
गाटा संख्या जमीन की एक यूनिक पहचान संख्या होती है, जिससे संबंधित भूमि का रिकॉर्ड आसानी से खोजा जा सकता है।
4. क्या बिना गाटा संख्या के रिकॉर्ड देखा जा सकता है?
हाँ। जमीन मालिक के नाम या खाता संख्या से भी रिकॉर्ड खोजा जा सकता है।
5. क्या भू-नक्शा और खतौनी दोनों अलग-अलग हैं?
हाँ। खतौनी में जमीन और मालिक का रिकॉर्ड होता है, जबकि भू-नक्शा जमीन की स्थिति और सीमाओं को दर्शाता है।
6. क्या मोबाइल से भूलेख देखा जा सकता है?
हाँ। मोबाइल फोन के ब्राउज़र के माध्यम से भी रिकॉर्ड देखा जा सकता है।
7. क्या ऑनलाइन रिकॉर्ड पूरी तरह अंतिम माना जाता है?
ऑनलाइन रिकॉर्ड जानकारी के लिए उपयोगी है। किसी कानूनी या सरकारी प्रक्रिया के लिए संबंधित विभाग से प्रमाणित रिकॉर्ड लेना बेहतर होता है।
8. क्या प्रयागराज की सभी तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है?
हाँ। जिले की सभी प्रमुख तहसीलों का भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन देखा जा सकता है।
9. क्या भूलेख देखने के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?
सामान्य तौर पर ऑनलाइन रिकॉर्ड देखने के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता।
10. जमीन खरीदने से पहले कौन-कौन से रिकॉर्ड देखने चाहिए?
कम से कम खतौनी, भू-नक्शा, गाटा संख्या, क्षेत्रफल और नामांतरण की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए।
निष्कर्ष
यदि आप प्रयागराज जिले में अपनी जमीन का रिकॉर्ड देखना चाहते हैं या किसी प्लॉट अथवा कृषि भूमि की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो भूलेख और भू-नक्शा सबसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं में से हैं। इनकी मदद से घर बैठे खतौनी, खसरा, गाटा संख्या और भूमि से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां आसानी से देखी जा सकती हैं।
हालांकि, यदि आप जमीन खरीदने या बेचने जैसे बड़े निर्णय लेने जा रहे हैं, तो केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड पर निर्भर न रहें। रिकॉर्ड का वास्तविक जमीन, रजिस्ट्री और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से मिलान करना हमेशा बेहतर होता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित राजस्व विभाग या कानूनी विशेषज्ञ से सलाह लेना भी समझदारी भरा कदम है।
उम्मीद है कि यह गाइड आपके लिए उपयोगी रही होगी। यदि आप उत्तर प्रदेश के किसी अन्य जिले जैसे वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, लखनऊ या अयोध्या का भूलेख देखना चाहते हैं, तो उसी प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित जिले का भूमि रिकॉर्ड भी आसानी से देख सकते हैं।