UP Bhulekh उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व परिषद (Board of Revenue) द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण डिजिटल भूमि रिकॉर्ड पोर्टल है। इसका उद्देश्य राज्य के सभी 75 जिलों के भूमि अभिलेखों को ऑनलाइन, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, ताकि नागरिक बिना तहसील गए अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
पहले जमीन की खसरा-खतौनी, जमाबंदी या अन्य भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए लोगों को तहसील, लेखपाल और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब upbhulekh.gov.in पोर्टल की मदद से कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी जमीन का रिकॉर्ड देख सकता है, स्वामित्व की जानकारी सत्यापित कर सकता है और कई महत्वपूर्ण राजस्व सेवाओं का लाभ उठा सकता है।
यदि आप अपनी जमीन की खतौनी देखना चाहते हैं, भू-नक्शा डाउनलोड करना चाहते हैं, गाटा संख्या से रिकॉर्ड खोजना चाहते हैं या जमीन पर कोई विवाद चल रहा है या नहीं यह जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है।
इस लेख में आपको यूपी भूलेख पोर्टल की प्रमुख सेवाओं, रियल टाइम खतौनी देखने की प्रक्रिया, भू-नक्शा खोजने के तरीके, वादग्रस्त भूमि की जांच और अन्य महत्वपूर्ण भूमि रिकॉर्ड सेवाओं की पूरी जानकारी चरणबद्ध तरीके से मिलेगी।
एक नजर में UP Bhulekh Portal 2026
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पोर्टल का नाम | यूपी भूलेख पोर्टल (UP Bhulekh Portal) |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| नोडल विभाग | राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| सम्बद्ध निकाय | राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश |
| तकनीकी सहयोग | राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) |
| मुख्य उद्देश्य | भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण और पारदर्शिता |
| लाभार्थी | भू-स्वामी, किसान, खरीदार, विक्रेता, बैंक एवं वित्तीय संस्थान |
| प्रमुख सेवाएं | रियल टाइम खतौनी, भू-नक्शा, गाटा विवाद स्थिति, अंश निर्धारण, बैंक बंधक विवरण |
| प्रमाणित प्रति प्राप्ति | CSC, लोकवाणी केंद्र या तहसील कार्यालय |
| आधिकारिक वेबसाइट | upbhulekh.gov.in |
| भू-नक्शा पोर्टल | upbhunaksha.gov.in |
खसरा, खतौनी और भूलेख में क्या अंतर है?
जमीन से जुड़ी जानकारी समझने के लिए इन तीनों शब्दों का अर्थ जानना जरूरी है।
खसरा (Khasra)
खसरा किसी भूखंड का विस्तृत भूमि रिकॉर्ड होता है। इसमें जमीन का क्षेत्रफल, गाटा संख्या, भूमि की प्रकृति, फसल विवरण और सिंचाई संबंधी जानकारी दर्ज रहती है।
सरल शब्दों में कहें तो खसरा किसी खेत या भूखंड का पहचान पत्र होता है।
खतौनी (Khatauni)
खतौनी को अधिकार अभिलेख (Record of Rights – RoR) कहा जाता है। इसमें किसी व्यक्ति या परिवार के नाम दर्ज सभी गाटा संख्याओं और भूमि हिस्सेदारी का विवरण मौजूद होता है।
इसमें आमतौर पर निम्न जानकारी दर्ज रहती है:
- खातेदार का नाम
- पिता/पति का नाम
- खाता संख्या
- गाटा संख्या
- कुल भूमि क्षेत्रफल
- अंश या हिस्सेदारी
भूलेख (Bhulekh)
भूलेख कोई अलग दस्तावेज नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार का डिजिटल भूमि रिकॉर्ड सिस्टम है जिसमें राज्य के सभी खसरा, खतौनी और अन्य राजस्व अभिलेख सुरक्षित रखे जाते हैं।
UP Bhulekh पर रियल टाइम खतौनी कैसे देखें?
उत्तर प्रदेश सरकार ने अब रियल टाइम खतौनी व्यवस्था लागू कर दी है। इसका मतलब है कि जैसे ही किसी जमीन का नामांतरण (दाखिल-खारिज) आदेश राजस्व विभाग द्वारा अपडेट किया जाता है, उसकी जानकारी ऑनलाइन रिकॉर्ड में दिखाई देने लगती है।

रियल टाइम खतौनी देखने की प्रक्रिया
स्टेप 1: यूपी भूलेख की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
स्टेप 2: होमपेज पर उपलब्ध “रियल टाइम खतौनी की नकल देखें” विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3: स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा कोड दर्ज करें।
स्टेप 4: अपना जनपद, तहसील और ग्राम चुनें।

स्टेप 5: अब रिकॉर्ड खोजने के लिए इनमें से कोई एक विकल्प चुनें:
- खसरा/गाटा संख्या द्वारा
- खाता संख्या द्वारा
- खातेदार के नाम द्वारा
- नामांतरण तिथि द्वारा
स्टेप 6: आवश्यक जानकारी दर्ज कर “खोजें” बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 7: सूची में दिखाई देने वाले रिकॉर्ड को चुनें और “उद्धरण देखें” विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 8: अंतिम कैप्चा सत्यापन के बाद आपकी डिजिटल खतौनी स्क्रीन पर खुल जाएगी।

स्टेप 9: आवश्यकता होने पर इसे PDF के रूप में सेव या प्रिंट कर सकते हैं।
ध्यान दें
ऑनलाइन डाउनलोड की गई रियल टाइम खतौनी सामान्य जानकारी और सत्यापन के लिए उपयोगी होती है, लेकिन न्यायालय, बैंक, रजिस्ट्री या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में केवल डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाणित प्रति (Certified Copy) ही मान्य होती है।
ऐसी प्रमाणित प्रति आप CSC, लोकवाणी केंद्र या संबंधित तहसील से निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त कर सकते हैं।
जमीन खरीदने से पहले गाटा विवाद (Disputed Land Status) कैसे जांचें?
जमीन खरीदने से पहले यह जांचना बेहद जरूरी है कि उस भूमि पर कोई मुकदमा या राजस्व विवाद लंबित तो नहीं है।

UP Bhulekh पोर्टल पर यह सुविधा उपलब्ध है।
वादग्रस्त भूमि की स्थिति देखने की प्रक्रिया
- यूपी भूलेख पोर्टल पर जाएं।
- “भूखण्ड/गाटा के वादग्रस्त होने की स्थिति जानें” विकल्प चुनें।
- जनपद, तहसील और ग्राम का चयन करें।
- संबंधित गाटा संख्या दर्ज करें।
- “गाटा प्रस्थिति जानें” पर क्लिक करें।
यदि भूमि से संबंधित कोई मुकदमा लंबित होगा तो स्क्रीन पर वाद संख्या, संबंधित धारा और वर्तमान स्थिति दिखाई दे जाएगी।
यदि कोई विवाद नहीं है तो रिकॉर्ड रिक्त या शून्य प्रदर्शित होगा।
UP Bhu Naksha: अपनी जमीन का नक्शा ऑनलाइन कैसे देखें?

अब उत्तर प्रदेश में भू-नक्शा भी पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है।
भू-नक्शा देखने की प्रक्रिया
स्टेप 1: भू-नक्शा पोर्टल पर जाएं।
स्टेप 2: State, District, Tehsil और Village चुनें।
स्टेप 3: गांव का डिजिटल नक्शा स्क्रीन पर दिखाई देगा।
स्टेप 4: अपने गाटा संख्या वाले भूखंड पर क्लिक करें।
स्टेप 5: बाईं ओर खुलने वाले Plot Info सेक्शन में खातेदारों के नाम, क्षेत्रफल और खाता संख्या की जानकारी दिखाई देगी।
Real Time खतौनी और Certified Copy में क्या अंतर है?
कई लोग ऑनलाइन खतौनी डाउनलोड करने के बाद यह मान लेते हैं कि वही कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज है। जबकि वास्तविकता यह है कि ऑनलाइन दिखाई देने वाली रियल टाइम खतौनी और प्रमाणित प्रति (Certified Copy) दोनों का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए होता है।
| तुलना का आधार | Real Time खतौनी | Certified Copy |
|---|---|---|
| उपयोग | सामान्य जानकारी, सत्यापन और रिकॉर्ड देखने के लिए | न्यायालय, बैंक, रजिस्ट्री और सरकारी कार्यों के लिए |
| प्राप्ति का माध्यम | यूपी भूलेख पोर्टल | CSC, लोकवाणी केंद्र या तहसील |
| शुल्क | निःशुल्क | निर्धारित सरकारी शुल्क |
| कानूनी मान्यता | सीमित | पूर्ण कानूनी मान्यता |
| हस्ताक्षर | डिजिटल रिकॉर्ड | अधिकृत अधिकारी द्वारा प्रमाणित |
यदि आपको केवल जमीन की जानकारी देखनी है तो रियल टाइम खतौनी पर्याप्त है, लेकिन किसी कानूनी या वित्तीय प्रक्रिया के लिए प्रमाणित प्रति ही प्राप्त करें।
UP Bhulekh Portal पर उपलब्ध अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं
यूपी भूलेख पोर्टल केवल खतौनी देखने तक सीमित नहीं है। यहां कई अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
राजस्व ग्राम खतौनी कोड
उत्तर प्रदेश के प्रत्येक राजस्व ग्राम को एक विशिष्ट कोड प्रदान किया गया है। यह कोड कई राजस्व और रजिस्ट्री प्रक्रियाओं में उपयोग किया जाता है।
भूखंड का 16 अंकीय यूनिक कोड
राज्य के प्रत्येक भूखंड को एक यूनिक पहचान संख्या दी गई है, जिससे भूमि की सटीक पहचान सुनिश्चित की जा सके।
भूखंड के विक्रय की स्थिति
इस सेवा की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि किसी गाटा संख्या का हाल में विक्रय या रजिस्ट्री हुई है या नहीं।
अंश निर्धारण विवरण
संयुक्त भूमि स्वामित्व की स्थिति में प्रत्येक खातेदार का हिस्सा ऑनलाइन देखा जा सकता है।
सार्वजनिक संपत्ति विवरण
गांव की सार्वजनिक भूमि जैसे तालाब, चारागाह, कब्रिस्तान, श्मशान घाट और अन्य सरकारी संपत्तियों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध है।
बैंक बंधक स्थिति
यदि किसी भूमि पर कृषि ऋण या केसीसी के तहत बैंक बंधक दर्ज है तो उसकी जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।
सामान्य समस्याएं और उनके समाधान
1. वेबसाइट नहीं खुल रही या Session Expired दिख रहा है
कारण: सर्वर पर अधिक लोड या ब्राउज़र कैश की समस्या।
समाधान: ब्राउज़र कैश साफ करें या Incognito Mode का उपयोग करें।
2. खतौनी में नाम या क्षेत्रफल गलत दिखाई दे रहा है
कारण: पुराने रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के दौरान हुई त्रुटि।
समाधान: संबंधित तहसील में अभिलेख शुद्धीकरण के लिए आवेदन करें।
3. नई रजिस्ट्री का नाम रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा
कारण: नामांतरण (Mutation) प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है।
समाधान: सामान्यतः नामांतरण अपडेट होने में 35 से 45 दिन का समय लग सकता है। कुछ समय बाद पुनः जांच करें।
उत्तर प्रदेश भूलेख हेल्पलाइन एवं संपर्क विवरण
यदि पोर्टल के उपयोग में कोई तकनीकी समस्या आती है तो आप संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यालय पता:
राजस्व परिषद, द्वितीय तल, वेस्ट ब्लॉक, जनपथ, लखनऊ – 226001
हेल्पलाइन नंबर:
+91-522-2217144
+91-522-2217145
तकनीकी सहायता नंबर:
+91-7080100588
ईमेल आईडी:
bhulekh-up@gov.in
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. क्या यूपी भूलेख पोर्टल से खतौनी देखना मुफ्त है?
हाँ। खतौनी की जानकारी ऑनलाइन देखना और डाउनलोड करना पूरी तरह निःशुल्क है।
2. क्या ऑनलाइन डाउनलोड की गई खतौनी कानूनी रूप से मान्य होती है?
सामान्य जानकारी के लिए उपयोग की जा सकती है, लेकिन न्यायालय, बैंक या रजिस्ट्री कार्यों के लिए प्रमाणित प्रति आवश्यक होती है।
3. बहुत पुराने भूमि रिकॉर्ड कैसे प्राप्त करें?
पुराने फसली रिकॉर्ड और ऐतिहासिक अभिलेख संबंधित तहसील के रिकॉर्ड रूम से प्राप्त किए जा सकते हैं।
4. अंश निर्धारण क्या होता है?
जब किसी भूमि में एक से अधिक खातेदार होते हैं, तब प्रत्येक व्यक्ति का हिस्सा निर्धारित करने की प्रक्रिया को अंश निर्धारण कहा जाता है।
5. क्या UP Bhulekh मोबाइल ऐप आधिकारिक है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्तमान में कोई आधिकारिक यूपी भूलेख मोबाइल ऐप जारी नहीं किया है। इसलिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
6. क्या गाटा संख्या से भूमि विवाद की जानकारी प्राप्त की जा सकती है?
हाँ। पोर्टल पर उपलब्ध वादग्रस्त भूमि जांच सुविधा के माध्यम से संबंधित गाटा पर लंबित मामलों की जानकारी देखी जा सकती है।
7. क्या भू-नक्शा ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है?
हाँ। भू-नक्शा पोर्टल पर जाकर संबंधित गांव और गाटा संख्या चुनकर नक्शा देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
UP Bhulekh Portal ने उत्तर प्रदेश में भूमि रिकॉर्ड देखने की प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी आसान और पारदर्शी बना दिया है। अब कोई भी नागरिक घर बैठे खतौनी, खसरा, भू-नक्शा, गाटा विवाद स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकता है।
जमीन खरीदने, बेचने, बैंक ऋण लेने या भूमि सत्यापन जैसे कार्यों से पहले यूपी भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड अवश्य जांचें। इससे भूमि विवाद और धोखाधड़ी की संभावनाएं काफी हद तक कम हो सकती हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हमारा किसी सरकारी विभाग, राजस्व परिषद या उत्तर प्रदेश सरकार से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। भूमि संबंधी किसी भी कानूनी, राजस्व या स्वामित्व विवाद की स्थिति में केवल आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित सरकारी अधिकारियों की सलाह को ही अंतिम मानें।